सफलता की कहानियां

कहानी क्र 1

“शहडोल जिले के सोहागपुर तहसील के ग्राम जोधपुर के जमुनिहा टोला की निवासी बच्चों को लेकर जिला बाल संरक्षण कार्यालय आई जो अमित और नैना है, बच्चों के पिता ने इनके माता की हत्या कर दी है तथा वह अब जेल में है। बच्चों की नानी ने कहा वह इनका पालन पोषण करने में सक्षम नहीं है तथा वह इन्हें बाल गृह भेजना चाहती है। ”

जिला बाल संरक्षण इकाई शहडोल द्वारा काउसलिंग की गयी एंव बालकों के पारिवारिक देखरेख के लाभ बताये गये तथा शासन द्वारा संचालित फ़ॉस्टर केयर योजना की जानकारी दी गयी। फ़ॉस्टर केयर योजना के बारे में जानने के पश्चात नानी बच्चों को अपने साथ रखकर पालन पोषण करने के लिये तैयार हो गयी और खुशी-खुशी अपने स्वयं के बच्चों की तरह उनका पालन पोषण कर रही है। संपर्क के दौरान कहा कि वह माननीय मुख्यमंत्री महोदय एवं म.प्र. शासन का धन्यवाद करती है। क्योंकि फ़ॉस्टर केयर योजना का लाभ प्राप्त होने के कारण ही आज बच्चों को परिवारिक देखरेख का लाभ प्राप्त हो रहा हैं और बालकों को पारिवारिक संस्कार मिल रहे है।