विशेष किशोर पुलिस इकाई

“प्रदेश के प्रत्येक जिले में विधि विवादित एवं देखरेख तथा संरक्षण के जरूरतमंद बालकों की सहायता हेतु एक विशेष किशोर पुलिस इकाई का गठन किया गया है। विशेष किशोर पुलिस इकाई में एक बाल कल्याण अधिकारी, दो स्वैच्छिक सामाजिक कार्यकर्ता, एक समाज कार्यकर्ता, एक पुलिस आरक्षक, एक पुलिस अधिकारी एवं एक बाल मित्र परामर्षदाता रहता है। इस इकाई के पुलिसकर्मी सादा कपड़ो में रहते हैं एवं बाल मित्र की तरह कार्य करते हैं। ”

विशेष किशोर पुलिस इकाई के उद्देष्य

  • प्रथम सम्पर्क के केन्द्र पर बालकों की पहचान करना और प्राप्त करना। जोखिम में रह रहे बालकों की पहचान करने के लिए क्षेत्राधिकार में पहुंच से बाहर के कार्य हाथ में लेना और बालकों की गृह यात्रा संचालित करना।
  • बालक के साथ मित्रवत् सम्बंध बनाना, जिससे कि वह उसकी वर्तमान स्थिति के कारणों को समझने और बांटने और उससे सम्बंधित कार्यवाही के सम्बंध में किसी विनिष्चय में भाग लेने में समर्थ हो सके।
  • 1098 के माध्यम से चाइल्ड हेल्प लाइन और आपातकालीन पहुंच बाह्ना सेवायें उपलब्ध कराना।
  • क्षेत्र की चाइल्ड हेल्प लाइन और विशेष किशोर इकाई के कार्य में सहायता करने के इच्छुक समस्त अन्य मान्यता प्राप्त उपयुक्त व्यक्तियों/संस्थाओं तथा स्वैच्छिक संगठनों के साथ नेटवर्क तथा उस अधिकारिता के अधीन आने वाले अधिनियम के अधीन सक्षम प्राधिकारियों और संस्थाओं के साथ प्रत्यक्ष रूप से सम्पर्क रखना।
  • बालकों के प्रति पुलिस के व्यवहार को समन्वित और उन्नत करना।
  • एक चलित विशेष किशोर पुलिस इकाई की व्यवस्था करना, जिसे कि जब कभी कोई बालक अधिनियम के अधीन या तो पकड़ा जाए या प्राप्त किया जाए, तब सम्बंधित पुलिस थाने द्वारा उसे बुलाया जा सके।
  • बालकों के लिए सुरक्षित स्थान के रूप में कार्य करना।
  • बालकों को समय-समय पर किषोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समितियों के समक्ष आवश्यकतानुसार प्रस्तुत करना।